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जानिए भगवानराम के जन्म स्थान अयोध्या के पर्यटन स्थलों के बारे में ?

अयोध्या भारत का एक प्राचीन शहर है जिसे हिंदू महाकाव्य रामायण की स्थापना के रूप में जाना जाता है। बता दें कि अयोध्या को भगवान खासतौर पर राम के जन्मस्थान के रूप में जाना जाता है। अयोध्या उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में सरयू नदी के तट पर स्थित है, जो कोसल के प्राचीन साम्राज्य की राजधानी थी। बता दें कि अयोध्या का नाम हिंदू धर्म के 7 सबसे पवित्र शहरों में शामिल है और माना जाता है कि इसका इतिहास करीब 9000 साल पुराना है। भले ही अयोध्या को राम का जन्म स्थान माना जाता है, लेकिन लगभग एक दशक से यह कई विवादों से घिरा हुआ है।

अयोध्या आज भी राम जन्म भूमि और यहां स्थित कई मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में यात्री जाते हैं। अगर आप भी राम जन्मभूमि अयोध्या जाने की योजना बना रहें हैं इसमें हम आपको अयोध्या के प्रसिद्ध मंदिरों, पर्यटन स्थलों और दर्शनीय स्थलों के बारे में जानकर देने जा रहें हैं।
अयोध्या यात्रा में घूमने लायक जगह –

अयोध्या के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रामजन्म भूमि –
रामजन्म भूमि अयोध्या में सबसे पवित्र जगहों में से एक है। रामजन्म भूमि वह जगह है जहां पर भगवान श्री राम का जन्म हुआ था और एक मंदिर भी बना था। बताया जाता है कि राम मंदिर को मुग़ल शासक बाबर के आदेशों पर नष्ट कर दिया गया था और इसके बाद यहां पर एक मस्जिद का निर्माण करवाया गया है, जिसका विवाद आज तक चल रहा है।

हनुमान गढ़ी –
हनुमान गढ़ी अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। हनुमान गढ़ी में हनुमान को समर्पित एक मंदिर है, जिसका अपना एक अलग धार्मिक महत्व है। यह मंदिर वाली जगह पहले अवध के नवाब की थी, जिसने इसे मंदिर के निर्माण के लिए दान दिया था। यह मंदिर एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है जिसे 10 वीं शताब्दी में बनवाया था। मंदिर तक पहुंचने के लिए यात्रियों को 76 सीढ़ी से होकर जाना होता है। यहां मंदिर में स्थित हनुमान जी की मूर्ति भक्तों का स्वागत करती है। पहाड़ी की चोटी आसपास के पहाड़ियों का बेहद शानदार दृश्य नजर आता है। हिंदू धर्म के लोग बड़ी संख्या में इस मंदिर की यात्रा करने के लिए आते हैं और हनुमान जी के दर्शन करने के साथ ही अपने पापों से मुक्ति के लिए भी प्रार्थना करते हैं। हनुमान गढ़ी के बारे में मान्यता है कि यहां आने वाले जो भी भक्त सच्चे दिल से मनोकामना करते हैं, उनकी इच्छाओं को भगवान अवश्य पूरा करते हैं।

त्रेता के ठाकुर –
त्रेता के ठाकुर अयोध्या में सरयू नदी के तट पर स्थित एक प्राचीन मंदिर है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में भगवान राम की मूर्तियों को रखा गया है जो प्राचीन समय में काले रेत के पत्थरों से उकेरी गई थीं। इस मंदिर के बारे में यह भी कहा जाता है कि यह वही जगह है जहां पर श्री राम ने अश्वमेध यज्ञ किया था। अगर आप अयोध्या की यात्रा करने के लिए जा रहे हैं तो आपको इस पवित्र मंदिर के दर्शन के लिए जरुर जाना चाहिए।

कनक भवन –
कनक भवन अयोध्या का प्रमुख दर्शनीय स्थल है, जहां पहले एक अन्य मंदिर था। जिसके बारे कहा जाता है कि इस मंदिर को भगवान राम की सौतेली माँ कैकेयी ने विवाह के बाद सीता को दिया था। बता दें कि बाद में इस मंदिर का परमारा वंश के राजा विक्रमादित्य पुननिर्माण किया गया था जिसे 1891 में फिर से बनाया गया। कनक भवन अयोध्या में सबसे आकर्षक स्थानों में से एक है जहाँ की अद्भुत वास्तुकला हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करती है।

मोती महल –
मोती महल फैजाबाद में अयोध्या शहर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक बेहद आकर्षक संरचना है जिसे लोकप्रिय रूप से ‘पर्ल पैलेस’ के रूप में जाना जाता है। इस महल का निर्माण 1743 ई में किया गया था जो नवाब शुजा-उद-दौला की पत्नी रानी बेगम उन्मतुजोहरा बानू का घर था। मोती महल मुगल वास्तुकला में एक बेहतरीन नमूना है और इसे देखने के लिए भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। अगर आप अयोध्या के पास घूमने की किसी अच्छी जगह की तलाश में हैं, तो आपको मोती महल देखने के लिए जरुर जाना चाहिए।

गुलाब बारी –
गुलाब बारी एक स्मारक है जो अयोध्या के पास फैजाबाद में स्थित है और नवाब शुजा-उद-दौला का मकबरा है। यह मकबरा चारों तरफ से गुलाब के बाग़ से घिरा हुआ है जिसकी वजह से इस जगह का नाम गुलाब बारी पड़ा है। आपको बता दें कि इस जगह पर पानी के फव्वारे से स्थित हैं जो जगह को सुशोभित करते हैं। यह मकबरा वास्तुकला हिंदू और मुगल शैली बीच एक क्रॉस है जिसे नवाबी शैली के रूप में वर्णित किया जाता है। अगर आप अयोध्या घूमने के लिए आ रहें हैं तो गुलाब बारी की सैर करना आपके लिए बेहद यादगार साबित हो सकता है।

सीता की रसोई मंदिर
सीता की रसोई अयोध्या के राजकोट में राम जनमस्थान के उत्तर-पश्चिमी छोर पर स्थित है जो यहां की एक देखने लायक जगह है। यह मंदिर के कोने में स्थित प्राचीन रसोई का के मॉडल है जिसमें नकली बर्तन, रोलिंग प्लेट और रोलिंग पिन है। मंदिर परिसर के दूसरे छोर पर चारों भाई राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न और उनकी पत्नी सीता, उर्मिला, मांडवी और श्रुतकीर्ति की मूर्तियाँ भी हैं। आपको बता दें कि यह सभी मूर्तियां बहुत अच्छी तरह से कपड़े और आभूषण से सजी हुई हैं। अगर आप अयोध्या की यात्रा के लिए जा रहें हैं तो सीता की रसोई को देखना न भूलें।

नागेश्वरनाथ मंदिर
नागेश्वरनाथ अयोध्या का एक प्रमुख मंदिर है जिसे देखने के लिए आपको अवश्य जाना चाहिए। एक पौराणिक कथा की माने तो इस मंदिर को भगवान राम के पुत्र कुश द्वारा बनाया गया था। मंदिर की संरचना अर्ध-दिव्य नागों को भगवान शिव की पूजा करते हुए दिखाती है।

तुलसी स्मारक भवन संग्रहालय
तुलसी स्मारक भवन 16 वीं सदी के संत कवि- गोस्वामी तुलसीदास की स्मृति में स्थापित किया गया है जिसका निर्माण 1969 में, उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल – श्री विश्वनाथ दास द्वारा करवाया गया था। यह स्मारक अयोध्या में राजगंज चौराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित है। इस स्मारक में विशाल पुस्तकालय भी है जो समृद्ध साहित्य का भंडार है। इसके अलावा यहां एक अनुसंधान केंद्र भी है, जिसे ‘अयोध्या शोध संस्थान’ कहा जाता है। इस अनुसंधान केंद्र का इस्तेमाल अयोध्या की साहित्यिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जानकारी का अध्ययन करने और जोड़ने के लिए किया जाता है। 1988 में यहां एक संग्रहालय भी जोड़ा गया था जिसको राम कथा संग्रहालय कहा जा है जहां श्री राम के जीवन और समय से संबंधित तथ्यों, आंकड़ों और प्राचीन वस्तुओं का संग्रह है। बता दें कि स्मारक परिसर के भीतर सांस्कृतिक केंद्र में हर दिन शाम 6 बजे से 9 बजे के बीच रामलीला का प्रदर्शन होता है, जो पर्यटकों को बेहद आकर्षित करता है। यहां पर नियमित रूप से प्रार्थना, भक्ति गीत और उपदेश के साथ ही श्रावण मास के प्रत्येक 7 वें दिन तुलसी जयंती का आयोजन बड़ी ही धूम धाम से किया जाता है।

दशरथ भवन
दशरथ भवन अयोध्या के फैजाबाद के केंद्र में स्थित है जो राजा दशरथ का मूल निवास स्थान है। बता दें कि दशरथ अयोध्या के शासक और भगवान श्री राम के पिता थे। बादी जग के नाम से लोकप्रिय दशरथ महल में राजा राम के शानदार मंदिर हैं। अगर आप इस महल को देखने के लिए जा रहें हैं तो इसकी सुंदरता को देखकर सच में हैरान रह जायेंगे।

अयोध्या के तीर्थ स्थल गुप्तार घाट
गुप्तार घाट अयोध्या के पास फैजाबाद में सरयू नदी के तट पर स्थित हिंदू धर्म का एक पवित्र और पूजनीय स्थल है। इस जगह के बारे में माना जाता है कि यहां पर भगवान श्री राम ने ध्यान किया था और इस नदी के जल में समाधि ली थी। जिसके बाद उन्होंने ‘वैकुंठ’ प्राप्त किया और भगवान विष्णु के रूप में अपने स्वर्गीय निवास के लिए रवाना हो गए। तभी से गुप्तार घाट को एक तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है। इस सुंदर घाट में नदियों की ओर जाने वाली सुंदर सीढियां बनी हुई हैं। ऐसी मान्यता है कि जो भी यहां पर नदी में डुबकी लगाता है उसे पापों और परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है। गुप्तार घाट पर कई आकर्षक मंदिर बने हुए हैं जिनमें राम मंदिर, चक्रहारी मंदिर और नरसिंह मंदिर सबसे ज्यादा आकर्षक और सुंदर हैं। बता दें कि पवित्र मंत्रों की गूंज के साथ गुप्तार घाट साल भर भक्तों से भरा हुआ रहता है।

अयोध्या घूमने जाने का सबसे अच्छा समय
अगर आप भगवान राम के जन्म स्थान अयोध्या घूमने जाने की योजना बना रहें हैं तो बता दें कि वैसे तो यहां पूरे साल मौसम बहुत सुहावना रहता है। यहां की यात्रा का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से दिसंबर के बीच है, क्योंकि इस समय मौसम काफी ठंडा होता है और ज्यादातर उत्सव भी इन्ही महीनों में पड़ते हैं।

अयोध्या कैसे पंहुचा जाये –

फ्लाइट से
अगर आप अयोध्या की यात्रा हवाई मार्ग द्वारा करना चाहते हैं तो बता दें कि यहां का निकटतम हवाई अड्डा फैजाबाद हवाई अड्डा है, जो 8 किमी की दूरी पर है। इसके अलावा विकल्प के रूप में 130 किमी की दूरी प्रमुख हवाई अड्डा लखनऊ है।
सड़क मार्ग से –
अगर आप सड़क मार्ग से अयोध्या की यात्रा करने के लिए जा रहें हैं तो बता दें कि राज्य में अयोध्या के लिए नियमित रूप से सरकारी और निजी बसें चलती हैं। उत्तर प्रदेश के अन्य स्थलों और अयोध्या के बीच चलने वाली बसें इसे राज्य के अन्य प्रमुख शहरों से भी जोडती हैं।
ट्रेन से
ट्रेन से अयोध्या की यात्रा करना काफी सुविधाजनक है क्योंकि अयोध्या पूरे उत्तर भारत में नजदीकी रेलवे स्टेशनों और प्रमुख स्टेशनों से जुड़ा हुआ है। जिसकी वजह से ट्रेन द्वारा यहां की यात्रा काफी आसानी हो जाती है।

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