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येदियुरप्पा ने पास किया बहुमत परीक्षण, बताया सबसे पहले यह करने वाले है अब

एजेंसी। कर्नाटक में पिछले कईं दिनों से चला आ रहा राजनीतिक घमासान आज थमता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री की शपथ ले चुके बीएस येदियुरप्पा ने आज विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया है। जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) और कांग्रेस के 17 बाग़ी विधायकों को अयोग्य क़रार दिए जाने के बाद बहुमत का आकड़ा  अब 105 रह गया था. नए समीकरण के मुताबिक, बीजेपी को सत्ता में बने रहने के लिए अब इतने ही विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। मालूम हो कांग्रेस-जेडीएस सरकार गिरने के बाद येदियुरप्पा ने 26 जुलाई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। प्रस्ताव पेश करते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि जब सिद्धारमैया और कुमारस्वामी मुख्यमंत्री थे, तब मैं किसी भी तरह से बदले की राजनीति में शामिल नहीं रहा। प्रशासनिक व्यवस्थाएं नाकाम हो चुकी थीं, हम सिर्फ अधिकारों के लिए लड़ रहे थे। विरोध करने वालों से भी कोई बैर नहीं। कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कहा कि येदियुरप्पा के साथ कभी जनादेश नहीं रहा। विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कार्रवाई करते हुए कुल 17 बागी विधायकों को अयोग्य करार दिया। इस तरह येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 224 सदस्यों वाली विधानसभा में 104 का आंकड़ा चाहिए था। एक निर्दलीय को मिलाकर उनके पास 106 विधायकों का समर्थन है। बहुमत परीक्षण के बाद जिस काम को सबसे पहले करने को लेकर वे बोले मैं किसानों की समस्या पर ध्यान देना चाहता हूं। मैंने तय किया है कि मैं प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत किसानों को 2000-2000 की दो किश्तें दूं। मैं विपक्ष से अपील करता हूं कि हम साथ मिलकर काम करें।

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