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ताड़ासन करने के फायदे, सावधानियां और करने का तरीका……

ताड़ासन संस्कृत के दो शब्दों तड़ा और आसन से मिलकर बना हुआ है। यहां तड़ा का मतलब माउंटेन यानि पर्वत और आसन का मतलब पोज से है। ताड़ासन योग मुद्रा पैर से लेकर दोनों भुजाओं और शरीर में खिंचाव लाने के लिए और लंबाई बढ़ाने के लिए बहुत ही प्रभावी होता है। इसके अलावा भी यह आसन करने से शरीर को कई फायदे होते हैं।

ताड़ासन करने के तरीके
ताड़ासन को दिन में किसी भी समय किया जा सकता है लेकिन आपको सिर्फ इस बात का ध्यान रखना पड़ेगा कि ताड़ासन को खाली पेट करें या फिर भोजन करने के बाद ही करना चाहते हैं तो इस आसन को करने से करीब चार से छह घंटे पहले भोजन कर लें। इसके अलावा यदि आपने ताड़ासन को पहले कभी नहीं किया है और अभी शुरूआत करने जा रहे हैं तो शुरू में आपको थोड़ी समस्या हो सकती है। एड़ियों को उठाकर पैर की उंगलियों पर खड़े रहने में आपको दर्द हो सकता है। इसके लिए आपको धैर्य के साथ धीरे-धीरे इसका अभ्यास करना चाहिए।

ताड़ासन करने की विधि-
फर्श पर एकदम सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी बनाए रखें।
इसके बाद अपने हाथों को शरीर से छूते हुए बिल्कुल खुला लटकाये रखें। हाथों में किसी तरह का तनाव न हो और ना ही आपकी मुट्ठी बंद हो। अब सांस लेते हुए अपने दोनों भुजाओं को ऊपर उठाएं और हाथों की उंगलियों को एक दूसरे से इंटरलॉक कर लें। इसके बाद अपनी एड़ियों को उठाएं और पैर की उंगलियों के सहारे खड़े हो जाएं। अब पैरों से लेकर उंगलियों और शरीर में खिंचाव को महसूस करें। सांस लेते हुए इस मुद्रा में कुछ देर तक बने रहें। अब सांस को छोड़ते हुए विश्राम की मुद्रा में आ जाएं। इस योग मुद्रा को कम से कम 10 बार दोहराएं। जरूर फर्क दिखेगा।

ताड़ासन करने के फायदे

लंबाई बढ़ाने में – ताड़ासन करने से पैरों, उंगलियों और शरीर के अन्य हिस्सों में खिंचाव होता है जिससे की व्यक्ति की लंबाई बढ़ती है। कम उम्र के बच्चों की लंबाई बढ़ाने के लिए भी उन्हें यह आसन करने की सलाह दी जाती है।
मासिक धर्म में – इस आसन को एक नहीं बल्कि कई फायदे होते हैं। ताड़ासन करने से महिलाओं में मासिक धर्म में अनियमितता की समस्या दूर हो जाती है और उनका पीरियड समय पर आता है। इसलिए महिलाओं को यह आसन जरूर करना चाहिए।
शरीर को टोन (tone) करने में – अगर आप ताड़ासन करते हैं तो यह आसन कूल्हों, नितंबों और पेट को टोन करने का काम करता है। इससे शरीर को भारीपन महसूस नहीं होता है और आप हल्का अनुभव करते हैं। इसलिए आपको यह आसन जरूर करना चाहिए।
मजबूती प्रदान करने में – यह आसन करने से शरीर के टखने, घुटने, जांघे, भुजाएं एवं पैरों में बहुत मजबूती आती है। इससे आपका शरीर अधिक सख्त बनता है और आप देखने में एकदम स्वस्थ लगते हैं।

बेहतर श्वसन में – ताड़ासन करने से पाचन की क्रिया और श्वसन की क्रिया दोनों बेहतर होती है और आपको इससे संबंधित किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है। अगर आपको ऐसी कोई समस्या है तो आपको जरूर यह आसन करना चाहिए।

कब्ज में – अगर आप ताड़ासन करते हैं तो इसका सबसे बड़ा फायदा आपको कब्ज की समस्या को दूर करने में मिलेगा। इसके अलावा यह आसन सियाटिका (sciatica) को भी दूर करने में बहुत सहायक होता है।

ताड़ासन करते समय सावधानियां
अगर आप इंसोमेनिया (insomnia), निम्न ब्लड प्रेशर और सिर दर्द की समस्या से परेशान हैं तो आपको ताड़ासन नहीं करना चाहिए।
महिलाओं को अपने गर्भावस्था में ताड़ासन करने से परहेज करना चाहिए।


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