पर्यटन

खूबसूरत झीलों का हिल स्टेशन है यह

महाराष्ट्र का प्रसिद्ध रमणीक स्थल एवं पर्वतीय नगर खंडाला लोनावला मुंबई−पुणे राजमार्ग पर स्थित है। सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला के पश्चिम घाट में मोर घाट की उतराई पर खंडाला एवं लोनावला पर्वतीय स्थल महाराष्ट्र के सैलानियों में खासा प्रसिद्ध है। खंडाला से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है महाराष्ट्र का एक अन्य हिल स्टेशन लोनावला (लोणावळा)। पश्चिमी भारत में लोनावाला को झीलों का जिला कहते हैं जिनमें लोनावला झील, तिगौती झील, मानसून झील और वाल्वन झील प्रमुख है।

खासकर वाल्वन झील पर बना वाल्वन बांध एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है। देश की नामी कंपनी टाटा ने भी यहां अपनी कईं झीलें निर्मित की हैं जिनसे बिजली उत्‍पन्‍न की जाती है।लोनावला को सह्याद्रि पहाड़ियों का मणि और मुंबई-पुणे का प्रवेश द्वार भी कहते हैं। लोनावला से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बुशी डैम सैलानियों के बीच एक पिकनिक स्पॉट के तौर पर काफी लोकप्रिय है जबकि लोनावला के मुख्‍य बाजार के ठीक पीछे स्थित रेवुड पार्क एक खूबसूरत जैविक उद्यान है।लोनावला के आसपास कई किले भी देखने लायक हैं जिनमें लौहगढ़, विशपुर, तुंग किला और तिकोना किला प्रमुख हैं। लौहगढ़ एक अपराजेय किले के तौर पर जाना जाता है, वहीं तिकोना किले के शिखर पर बौद्ध गुफा और जल कुंड हैं।

इसके पास ही मौजूद पावना झील में तिकोना किले का प्रतिबिंब बेहद खूबसूरत दिखाई देता है जबकि तुंग किले की सुरक्षा प्राचीर से लौहगढ़, विशपुर, तिकोना किला और पावना झील का मनोहारी दृश्य बेहद सुंदर नजर आता है।लोनावाला खासतौर पर चिक्की के लिए भी बेहद मशहूर है जो मूंगफली, तिल, काजू, बादाम, पिस्‍ता, अखरोट आदि को गुड़ या शक्कर में मिलाकर बनाई जाती हैं। साथ ही लोनावला की ‘ब्रिटल कैंडी’ भी काफी प्रसिद्ध है।

वर्षा ऋतु की प्रथम फुहार के बाद खंडाला का नैसर्गिक सौंदर्य अत्यंत मनोहारी हो जाता है। पर्वत श्रृंखलाओं से छोटे झरने तथा झुके हुए बादल नैसर्गिक शोभा को मनमोहक एवं नयनाभिराम बना देते हैं। यह स्थान शांत वातावरण के कारण स्वास्थ्य लाभ के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। यहां पर विश्राम गृहों, धर्मशालाओं, सेनिटोरियम आदि की भरमार है। अप्रैल माह से वर्षा आगमन तक यहां का तापमान ठीक ठाक रहता है। लोनावला की पर्वत श्रृंखलाएं पर्यटकों के लिए सबसे ज्यादा आकर्षण का केन्द्र हैं। लवर्स प्वाइंट, टाइगर्स लीप, हार्स शू वैली, डीप प्वाइंट जैसे अनेकों दर्शनीय स्थल यहां पर हैं। साथ ही आप भुसी डेम तथा भुसी लेक भी देखने जा सकते हैं। भूसी बांध के अंत में जब जल प्रपात नदी से मिलने के लिए नदी की ओर ऊपर से नीचे गिरता है तो उसकी ध्वनि व सुंदर दृश्य सैलानी निहारते ही रह जाते हैं।

लोनावला की गुफाएं भी अद्वितीय हैं। खासकर कारला और भाजे तथा बेडसा जैसी पुरातन गुफाएं तो खासा महत्व रखती हैं। कारला गुफा अत्यंत पुरातन एवं ऐतिहासिक गुफा है। इसका निर्माण ईसा से 160 वर्ष पहले का माना जाता है। कारला गुफा में भारतवर्ष की विशालतम चैत्य गुफा का समावेश है। यहां पर बुद्धकालीन स्थापत्य कला चरम सीमा पर है। इस गुफा में खंभों पर बनाई गई अनेक कलाकृतियां स्थापत्य कला का बढ़िया उदाहरण हैं। साथ ही यहां पर काष्ठ से बना एक मंदिर भी है जिसकी आकृति कैथेड्रल से मिलती है। यहां पर भगवान शिव की एक विशाल प्रतिमा भी है।भाजे गुफा लोनावला से बारह किलोमीटर दूर है। भाजे गुफा में 18 गुफाओं का समावेश है तथा 12 नंबर की गुफा सर्वश्रेष्ठ है। इसमें 13 खंभे हैं तथा 14 स्तूप हैं जो बुद्धकालीन हैं। यहां अनके विहार भी बने हुए हैं जो उपदेश एवं धार्मिक कार्यों के उपयोग में आते थे।

वेडसा गुफा सुपति पर्वत पर स्थित है। यहां पर दो गुफाएं हैं। इन गुफाओं का निर्माणकाल सम्भवतः प्रथम शताब्दी का है। गुफा के एक ओर स्त्री−पुरुष एवं पशुओं के सुंदर एवं मनमोहक भित्तिचित्र हैं। नारी अपने संपूर्ण श्रृंगार के साथ अश्व पर सवार है। भित्तिचित्र में नारी के पारदर्शक वस्त्रों की भी सुंदर रचना की गई है।अन्य स्तंभों पर भी इसी प्रकार की चित्रकारी है। यह गुफा 30 फुट चौड़ी तथा 45 फुट गहरी है। कारला से ही तीनों गुफाओं पर जाने की व्यवस्था है। महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम द्वारा यहां पर रहने व खाने के लिए रिसोर्ट एवं होटल भी बनाये गये हैं।

लोनावला में घूमने लायक ढेर सारी जगहें हैं. यहां की खूबसूरत वादियों के दिलकश नजारे का लुत्फ उठा सकते हैं. ट्रैकिंग का मन हो तो पहाड़ पर चढ़ने की सुविधा भी मौजूद है. ट्रैकिंग करते समय पहाड़ों के नजारों का लुत्फ़ भी लिया जा सकता है।
वलवन डैम भी लोनावला की एक खूबसूरत जगहों में से एक है. इस जगह पर भी लोग खासतौर से पिकनिक मनाने के लिए ही आते हैं. यहां रोज गार्डन भी है. डैम का पानी कोपोली पावर स्टेशन में इस्तेमाल किया जाता है, जहां बिजली बनाई जाती है।
लोनावला में मोम के पुतलों का एक म्यूजियम भी है. यह वैक्स म्यूजियम सैलानियों में खासा लोकप्रिय है. यहां दुनिया की कई मशूहर हस्तियों के मोम के पुतले हैं. यादगार के लिए आप उनके साथ फोटो भी खिंचवा सकते हैं. अन्ना हजारे से लेकर और भी कई बड़े राजनेताओं की मूर्तियां यहां हैं. वैक्स म्यूजियम वर्सोली रेलवे स्टेशन से सिर्फ 3 किमी की दूरी पर है।

मुंबई से पुणे जाते समय सड़क एवं रेल मार्ग द्वारा खंडाला प्रथम तथा लोनावला द्वितीय पड़ाव पड़ते हैं। दोनों नगरों में पांच किलोमीटर की दूरी है। मुंबई से सड़क मार्ग द्वारा खंडाला 99 किलोमीटर तथा लोनावला 104 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है तथा रेल मार्ग द्वारा यह दूरी 123 किलोमीटर एवं 128 किलोमीटर की है। लोनावला का मौसम ज्यादातर सुहावना ही रहता है। यहां किसी भी मौसम में आ सकते हैं, लेकिन मई से लेकर अक्टूबर के बीच यहां आएंगे तो मजा कई गुना बढ़ जाएगा. बारिश के मौसम में यहां की हरियाली लाजवाब होती है. सर्दियों में यहां का तापमान 12 डिग्री तो गर्मियों में 36 डिग्री तक रहता है।

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