पर्यटन यात्रा वृतांत

जिंदगी की भागदौड़ और प्रदूषण से दूर है यह जगह

मुन्‍नार एक अविश्‍वसनीय, शानदार और अतिआकर्षक मन को लुभाने वाला हिल स्‍टेशन है जो इडुक्‍की जिले में स्थित है। पहाड़ों के घुमावदार इलाकों से घिरा हुआ यह हिल स्‍टेशन पश्चिमी घाट पर स्थित है। मुन्‍नार नाम का अर्थ होता है तीन नदियां और जो मधुरपुजहा, नल्‍लाथन्‍नी और कुंडाली नदियों के अजीब मिलन स्‍थल वाले क्षेत्र को प्रदर्शित करता है। सीमा पर स्थित होने के कारण, मुन्‍नार शहर के पड़ोसी राज्‍य जैसे तमिलनाडु से कई सांस्‍कृतिक संबंध हैं। पर्यटन गंतव्‍यों की भारी मांग के बाद, यह हिल स्‍टेशन दुनिया भर में केरल के प्रमुख पर्यटन स्‍थलों के रूप में लोकप्रिय होने लगा है। जिंदगी की भागदौड़ और प्रदूषण से दूर यह जगह लोगों को अपनी ओर खींचता है। 12000 हेक्टेयर में फैले चाय के खूबसूरत बागान यहां की खासियत है। दक्षिण भारत की अधिकतर जायकेदार चाय इन्हीं बागानों से आती हैं।

चाय के उत्पादन के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए चाय संग्रहालय है जहां इससे संबधित सभी तस्वीरें और सूचनाएं मिलती हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ वन्य जीवन को करीब से देखा जा सकता है। अर्नाकुलम राष्ट्रीय उद्यान में दुर्लभ नीलगिरी बकरों को देखा जा सकता है। देश के विभिन्‍न शहरों और अन्‍य बाहरी देशों से आने वाले लाखों पर्यटक और पिकनिक मनाने वाले लोगों के लिए यह हिल स्‍टेशन एक शानदार जगह है जहां वह अपनी छुट्टियां मजे से बिता सकते हैं। सटीक, सुखद और मनभावन मुन्‍नार का भी एक इतिहास है, यहां औपनिवेशिक और आधुनिक युग की नींव एक साथ रखी गई थी। जो अंग्रेज, भारत में पहले पहुंचे थे उन्‍हे मुन्‍नार यहां की प्राकृतिक सुंदरता और सुखद जलवायु के कारण पल भर में ही बेहद पसंद आ गया था। इसके बाद यह जगह दक्षिण भारत में ब्रिटिश प्रशासन के लिए गर्मियों के समय का रिर्साट बन गया। बल्कि आज भी मुन्‍नार, गर्मियों के मौसम में सांसें थाम लेने वाला, सुंदर प्राकृतिक दृश्‍यों से भरपूर और प्रेरणादायक परिवेश वाला आर्दश गंतव्‍य स्‍थल है।

मुन्‍नार में वह सब कुछ है जो एक प्रकृति प्रेमी किसी आर्दश प्राकृतिक स्‍थल से उम्‍मीद करता है जैसे – निगाह ठहर जाने वाले चाय के बागान, प्राचीन घाटियां, पहाडि़यों पर वक्राकार घुमाव, स्‍वास्‍थ्‍य को लाभ देने वाली हरी – भरी जमीन, हरी वनस्‍पतियां, जीव और वनस्‍पतियों की नई व अनोखी प्रजातियां, घने जंगल, जंगली अभयारण्‍य, प्राकृतिक खुशबू से भरी हवा, अच्‍छा मौसम और बाकी सबकुछ, जो पर्यटक की छुट्टियां यादगार बना सकता है। सबसे अच्‍छे पर्यटन स्‍थलों का भ्रमण मुन्‍नार, उन सभी लोगों के घूमने के लिए कई विकल्‍प प्रदान करता है जो यहां अपनी खास छुट्टियां बिताने आते हैं। मुन्‍नार के पर्यटन स्‍थलों की सैर बहुत सुखद अनुभव प्रदान करने वाली होती है विशेषकर यहां के अच्‍छे और सुखदायक मौसम के कारण। बाइकर्स और ट्रैकर्स इस जगह को एंडवेचर गेम्‍स के लिए स्‍वर्ग मानते है इसीलिए काफी अच्‍छी संख्‍या में बाइकिंग और ट्रैकिंग ट्रेल्‍स के शौकीन लोग मुन्‍नार में आते हैं। पर्यटक यहां के दूर – दूर तक फैले मखमली घास के मैदानों और वृक्षों की कतारों में भी कैजुअली इधर – उधर टहल सकते हैं या विचरण कर सकते हैं। यहां पर चिडि़यों को देखना भी एक बेहद लोकप्रिय गतिविधि है क्‍यूंकि इस क्षेत्र में कई प्रकार की दुर्लभ प्रजातियों का घर भी है।

मनोरंजन के असंख्‍य किस्‍म के विकल्‍पों के साथ, मुन्‍नार सभी प्रकार के पर्यटकों को जैसे – जो परिवार के साथ अच्‍छा समय बिताना चाहते हैं, वह बच्‍चे जो दिल खोलकर मस्‍ती करना चाहते हैं, हनीमून कपल्‍स, ऊर्जावान युवाओं, एडवेंचरस बाइकर्स और व्‍यक्तिगत बैकपैकर्स आदि को आमंत्रित करता है। पिकनिक मनाने वालों, बाइकर्स और ट्रैकर्स के लिए एक ही गंतव्‍य स्‍थल एराविकुलम राष्‍ट्रीय उद्यान, मुन्‍नार के मुख्‍य आकर्षण स्‍थलों में से एक है, जो लुप्‍तप्राय नीलगिरि तहर के लिए घर है। दक्षिण भारत की सबसे ऊंची चोटी, अनामुडी पीक इस नेशनल पार्क के अंदर ही स्थित है। यहां आने वाले पर्यटक, वन विभाग से अनुमति प्राप्‍त करने के बाद 2700 मीटर ऊंची अनामुडी चोटी पर ट्रैकिंग कर सकते हैं। वहीं मुन्‍नार से 13 किमी. की दूरी पर स्थित मट्टुपेट्टी यहां के बांध, झील और इंडो – स्विस पशुधन परियोजना द्वारा चलाई जा रही डेयरी फर्म के कारण प्रसिद्ध है। मुन्‍नार के आसपास स्थित झरने, पर्यटकों को अपनी चांदी सी बिखरती चमक और हरे – भरे वातावरण के कारण प्रेरित करते हैं। पल्‍लीवसल और चिन्‍नाकनाल ( जो पॉवर हाउस वॉटरफॉल्‍स के नाम अधिक विख्‍यात हैं ) यहां के दो झरने हैं जिन्‍हे देखने की मांग सबसे ज्‍यादा होती है। अनाइरांगल जलाशय मुन्‍नार में एक और प्रमुख स्‍थान है।

मुन्‍नार के पहाड़ी इलाकों में चाय बागानों की विरासत को टाटा टी द्वारा चलाए जा रहे चाय संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाता है। इसके अलावा मुन्‍नार के प्रमुख आकर्षणों में पोत्‍तनमेड, आट्टुकल, राजामाला, ईकोप्‍वाइंट, मीनूली और नादूकानी हैं। टॉप स्‍टेशन, मुन्‍नार – कोडीकनाल रोड़ का सबसे ऊंचा प्‍वाइंट है जहां से मनोरम दृश्‍य देखने को मिलते हैं और यहां नीलाक्‍कुरीन्‍जी फूलों का घर भी है जो 12 साल में केवल एक बार ही खिलते हैं। मुन्नार का मौसम मुन्‍नार की पर्वतमालाएं, सुखद मौसम वाली है जहां पर्यटक, साल के किसी भी दौर में भ्रमण के लिए आ सकते हैं। कैसे पहुंचें मुन्नार मुन्‍नार, केरल और तमिलनाडु दोनों राज्‍यों से आसानी से पहुंचा जा सकता है। दक्षिण भारत के सभी भागों से इस बेहतरीन गंतव्‍य स्‍थल के लिए कई टूरिस्‍ट पैकेज भी उपलब्‍ध हैं। पर्यटक यहां आकर अपनी सुविधानुसार रहने के लिए होटल, रिसॉर्ट, होम – स्‍टे और रेस्‍ट हाउस का चयन कर सकते हैं।

मुन्‍नार आकर्षण

इरावीकुलम राष्ट्रीय उद्यान
यह उद्यान मुन्नार से 15 किलोमीटर दूर है। यह स्थान देवीकुलम तालुक में पड़ता है। उद्यान के दक्षिणी क्षेत्र में अनामुडी चोटी है। मूल रूप से इस पार्क का निर्माण नीलगिरी जंगली बकरों की रक्षा करने के लिए किया गया था। 1975 में इसे अभयारण्य घोषित किया गया था। वनस्पति और जंतु के पर्यावरण जगत में इसके महत्व को देखते हुए 1978 में इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित कर दिया गया। 97 वर्ग किमी में फैला यह उद्यान प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। यहां दुर्लभ नीलगिरी बकरों को देखा जा सकता है। साथ ही यहां ट्रैकिंग की भी सुविधा उपलब्धह है।

Image result for इरावीकुलम राष्ट्रीय उद्यान

चाय संग्रहालय और टी प्रोसेसिंग
यह संग्रहालय टाटा टी द्वारा संचालित है। इस संग्रहालय में 1880 में मुन्नार में चाय उत्पादन की शुरुआत से जुड़ी निशानियां रखी गई हैं। यहाँ कई ऐतिहासिक तस्वीरें भी लगी हुई हैं। इसके पास ही स्थित टी प्रोसेसिंग ईकाई में चाय बनने की पूरी प्रक्रिया को करीब से देखा व समझा जा सकता है।

अथुकड फॉल्स
गहरी घाटी में स्थित यह झरना मुन्नार से 8 किलोमीटर दूर कोच्चि रोड पर स्थित है। अथुकड फॉल्य मुन्नार का एक प्रमुख पर्यटक स्थल है। मानसून के दिनों में (जुलाई-अगस्त) इसकी सुंदरता और भी बढ़ जाती है। इस झरने के अलावा भी इस रास्ते में दो और झरने भी हैं-चीयापरा फॉल्स और वलार फॉल्स।

Image result for अथुकड फॉल्स

निकटवर्ती दर्शनीय स्थल

चिन्नार वन्यजीव अभयारण्य
(60 किलोमीटर) मरयूर से 20 किमी आगे चिन्नार वन्यजीव अभयारण्य केरल-तमिलनाडु बॉर्डर पर स्थित है। राजमला-उदुमलपेट रोड इस अभयारण्य के बीच से होकर जाती है जहां से पर्यटक हाथी, जंगली सुअर, धब्बेदार हिरन, सांभर, गौर और मोर को देख सकते हैं। अगर आप भाग्यशाली रहे तो आपको मंजमपट्टी का सफेद भैंसा दिखाई दे जाएगा। शेर और चीते भी यहां दिखाई दे जाते हैं। वन विभाग पर्यटकों के लिए ट्रैकिंग, चिन्नार सफारी और वॉटर फॉल ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराता है। मरयूर से मुन्नार का रास्ता 2 घंटे का है।

ट्रैकिंग
मुन्‍नार की यात्रा के दौरान सलंग्‍न पर्यटकों के लिए ट्रैकिंग, सभी साहसिक गतिविधियों में से राजा यानि प्रमुख है। मुन्‍नार में कई ट्रैकिंग ट्रेल्‍स मौजूद हैं जो कि सभी सुरक्षित पैमानों पर बने हैं और सत्‍यापित हैं। यात्री इन ट्रैकिंग ट्रेल्‍स का इस्‍तेमाल मुन्‍नार हिल स्‍टेशन के भीतरी गंतव्‍य स्‍थलों तक पहुंचने के लिए कर सकते हैं। राजामाला, एराविकुलम राष्‍ट्रीय उद्यान और नायाम्‍काड़ यहां के बेस्‍ट ट्रैकिंग ट्रेल्‍स हैं। ट्रैकिंग और पर्वतारोहण, यात्रियों को प्रकृति के छुपे रहस्‍यों को उजागर करने में मदद करते हैं। मुन्‍नार की भूमि को परिदृश्‍य घाटियों, ब्रुक्‍स, घास के मैदानों और छोटी – छोटी पहाडियों – एक उचित नरम ट्रैकिंग के सयोंजन के लिए वरदान मिला है। पर्यटकों के पास यहां ट्रैकिंग करने या घास के बड़े मैदानों में कैम्‍प लगाकर रहने का ऑप्‍शन भी होता है। पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से, वन विभाग एराविकुलम नेशनल पार्क में ट्रैकिंग का आयोजन करता है। वन विभाग की पूर्व अनुमति के साथ यहां स्थित दक्षिण भारत की सबसे ऊंची चोटी अन्‍नामुडी में भी ट्रैकिंग की जा सकती है और मुन्‍नार व आसपास के क्षेत्रों में यात्रियों के लिए कई कैम्‍प प्रोग्राम भी उपलब्‍ध हैं

पोत्‍तनमेड
पोत्‍तनमेड एक छोटा सा सुंदर गांव है जो मुन्‍नार से कुल 6 किमी. की दूरी पर स्थित है। अपने व्‍यू प्‍वाइंट के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध यह गांव, मुन्‍नार आने वाले पर्यटकों के लिए एक आवश्‍यक गंतव्‍य स्‍थल है। यहां के व्‍यू प्‍वाइंट से मुन्‍नार का विस्‍तृत दृश्‍य, इसकी ऊंची पहाडि़यां, सटी घाटियां और मुवाट्टुपुशा नदी का मनोरम दृश्‍य देखने को मिलता है। यह मनोरम जगह, ट्रैकर्स और प्रकृति प्रेमियों को बेजोड़ प्रसन्‍नता प्रदान करती है। य‍ह गांव, यहां के दूर – दूर तक फैले पेड़ों और रसीले हरी वनस्‍पतियों के कारण भी प्रसिद्ध है। इलायची की पहाडि़यों और बागानों से गुजरने वाली हवा पूरी जगह में खुशनुमा खुशबू भर देती है। पर्यटकों को पोत्‍तनमेड के व्‍यू प्‍वाइंट तक पहुंचने के लिए मसालों के पेड़ों से होकर गुजरना होगा, परन्‍तु यह ट्रैक वास्‍तव में सार्थक है। फोटोग्राफी के शौकीन पर्यटकों को यहां आकर असली खजाना मिल जाने की खुशी होती है, वह यहां अपने शौक को बखूबी पूरा कर सकते हैं और यादों को कैमरे में कैद कर सकते हैं।

Related image

मीनुली
एक लोकप्रिय पर्यटन स्‍थल है जो मुन्‍नार हिल स्‍टेशन के नजदीक फैला हुआ है। यह जगह, ट्रैकिंग और पर्वतारोहण के लिए काफी डिमांड में रहता है। इस स्‍थल में कई प्राकृतिक चमत्‍कार के नमूने और रूप देखने को मिलते हैं। मीनूली की प्रसिद्धि दो मुख्‍य आकर्षक स्‍थलों पर टिकी हुई है : एक विशाल पत्‍थर और एक सदाबहार वन। मीनुली में स्थित, असाधारण विशाल चट्टान 500 एकड़ से अधिक के क्षेत्र में फैली हुई है। इस विशाल चट्टान से लोअर पेरियार और भूथाथ्‍नकेट्टू की झलक भी देखने को मिल जाती है लेकिन यह इस स्‍थान के रोमांच का अंत नहीं है, इस चट्टान के शीर्ष से सदाबहार वन दो एकड़ जमीन में फैला हुआ है। जंगल का हरा खिंचाव, पत्‍थर पर प्रकृति के के शिल्‍पकौशल को वयां कर देता है। जो लोग रॉक क्‍लाइम्बिंग और ट्रैकिंग के प्रेमी हैं उनके लिए मीनुली एक खास जगह है। साथ ही जो लोग पर्वतारोहण में रूचि रखते हों वह भी यहां आना न भूलें। यात्रियों को यहां आने पर अपने साथ बैकपैकर्स में पर्याप्‍त भोजन और पानी लाने की सलाह दी जाती है।

अट्टुकाल
अट्टुकाल एक लोकप्रिय पर्यटन स्‍थल है जोकि यहां के सर्वश्रेष्‍ठ झरनों के लिए जाना जाता है। मुन्‍नार से 9 किमी. की दूरी पर स्थित यह जगह बैकपैकर्स और पिकनिकर्स के द्वारा चुनिंदा स्‍पॉट है। झरना, मुन्‍नार और पल्‍लीवसल के बीच में स्थित है, इसलिए पर्यटक एक ही यात्रा में पल्‍लीवसल और अट्टुकाल को कवर कर सकते हैं। यह रमणीय स्‍थल चारों तरफ से प्रचुर पहाडि़यों से घिरा हुआ है जो यहां की पुरानी सुंदरता को बढ़ा देता है। ट्रैकर्स इस जगह को अच्‍छा गंतव्‍य स्‍थल मानते है क्‍यूंकि यहां झरने के आसपास ट्रैकिंग करने के लिए कई ट्रैकिंग ट्रेल्‍स हैं। अट्टुकल घूमने के लिए आर्दश समय मानसून के बाद होता है, इस दौरान झरने की धाराएं ताजी और चारों तरफ घनी हरियाली देखने को मिलती है। एक बार, कई मीलों दूर से यहां पर पानी के गिरने की खनक को सुना जा सकता है और यहां के दृश्‍य मन को मोहित कर अपनी छाप छोड़ देते हैं। अट्टुकाल आने वाले पर्यटकों को चियापारा झरना और वलारा झरना भी आने की सलाह दी जाती है। चियापारा झरना, अक्‍सर उन लोगों द्वारा भ्रमण किया जाता है जो अच्‍छी छाप वाले स्‍थानों को पसंद करते हैं।

Image result for आनाइरंगल

राजामाला
राजामाला, मुन्‍नार के हिल स्‍टेशन से कुल 15 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह जगह, नीलगिरि तहर के प्राकृतिक आवास के रूप में विख्‍यात है। रिपोर्टों के अनुसार, एराविकुलम – राजामाला क्षेत्र में दुनिया की आधी तहर आबादी निवास करती है। राजामाला में भ्रमण करने की यह लुप्‍तप्राय प्रजाति, एक खास वजह है लेकिन राजामाला के आकर्षण का अंत यही नहीं है, इसके अलावा भी यहां काफी कुछ घूमने और देखने लायक है। यह स्‍थान, सुरम्‍य सौंदर्य से भरा और चारों तरफ पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं से ि‍घरा हुआ है। हरी वनस्‍पतियों के लंबे मैदान, घास के बड़े – बड़े मैदान और ब्रुक्‍स, राजामाला को पर्यटकों और ट्रैकर्स के लिए खास बनाते हैं। यह जगह, समुद्र स्‍तर से 2700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है जो फैमिली टूर, पिकनिक और हनीमून के लिए आर्दश स्‍थल है। हालांकि लोग मुख्‍य रूप से यहां की सैर नीलगिरि तहर की एक झलक पाने के लिए करते हैं लेकिन साथ ही कई रोचक गतिविधियों जैसे – रॉक क्‍लाइम्बिंग, पर्वतारोहण और ट्रैकिंग आदि में भी रूचि रखने वाले पर्यटक भी पर्याप्‍त संख्‍या में यहां की साहसिक सैर के लिए आते हैं।

आनाइरंगल
आनाइरंगल एक पर्यटन स्‍थल है जो मुन्‍नार से 22 किमी. की दूरी पर स्थित है जो अपने चाय के बागानों, बांध और झील के कारण जाना जाता है। आनाइरंगल,झील और बांध, पर्यटकों को यहां के सबसे सुंदर और रोमांचक नजारे के कारण लुभाता है जब हाथियों के झुंड के झुंड अपनी प्‍यास बुझाने के लिए झील पर आते हैं और क्रीड़ा करते हैं। दूर – दूर तक फैले जंगल और चाय के विस्‍तृत बागान, इस क्षेत्र के चारों तरफ स्थित हैं। यहां का अन्‍य आकर्षण केंद्र टाटा टी बागान है जो पर्यटकों को यहां आकर चाय की पत्तियों की सुंगध का आनंद उठाने का मौका प्रदान करता है। पोत्‍तनमड, आनाइरंगल के करीब स्थित है और यह दूर फैले इन दोनों क्षेत्रों को कवर करने में समर्थ है। चाय के पौधों की फैली हरी चादर, चक्‍करदार सड़कें और हमेशा हरे – भरे रहने वाले जंगल इस लोकेशन को और भी परफेक्‍ट घूमने लायक स्‍थान बना देते हैं। इस क्षेत्र में छुट्टियां बिताने की सुविधाओं सहित कई रिसॉर्ट हैं। जो लोग एक या दो दिन के लिए दैनिक दिनचर्या से दूर जाकर तरोताजा होना चाहते हैं तो ऐसे रिसॉर्ट काफी अच्‍छे होते हैं।

Image result for आनाइरंगल

ऐसे पहुंचें
देश के किसी भी हिस्से से आप यहां तक वायु, रेल या सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। मुन्नार का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट कोचीन इंटरनैशनल एयरपोर्ट है और एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन सबसे पास का रेलवे स्टेशन। सड़क मार्ग से मन्नार का सफर काफी अच्छा एक्सपीरिएंस है क्योंकि रास्ते में आपको कई खूबूसरत नजारे देखने को मिलेंगे। कोयंबटूर, कोझिकोड, कोच्चि, वायनाड और मदुरै से आपको आराम से स्टेट बसें मिल जाएंगी।

जाने का सबसे अच्छा समय
पीक सीजन को छोड़ दें तो ऑफ सीजन और मॉनसून सीजन में भी पर्यटक यहां आते हैं। मॉनसून सीजन यहां पर्यटन सीजन नहीं होता है लेकिन मॉनसून के दौरान यहां का नजारा एकदम अलग दिखता है। सितंबर से मार्च केरल में पीक सीजन होता है इस दौरान में मौसम काफी सुहावना होता है।ऑफ सीजन होने के कारण इस दौरान होटल काफी सस्ते में मिल जाते हैं। इस समय आपको जाना है मुन्नार और वायनाड केरल के बाकी स्थान के मुकाबले थोड़े ठंडे होते और उमस भी न के बराबर होती हैं।

Related posts

दुनिया भर के पर्यटक देखने आते हैं साँची स्तूप

Manager TehelkaMP

पहलगाम में देखने लायक है ”शेषनाग”

News Desk

चन्द्रगिरि किला : नारियल के पेड़ों द्वारा सजा हुआ एक आकर्षक पर्यटन स्थल

News Desk

Leave a Comment