यात्रा वृतांत

पहलगाम में देखने लायक है ”शेषनाग”

पहलगाम कश्मीर का सबसे खूबसूरत स्थल है। पहलगाम पर्यटन के शांत, आकर्षक व मनमोहक स्थल सैलानियों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करते है। पहलगाम जम्मू कश्मीर प्रान्त के अनंतनाग जिले का एक कस्बा है, जो लिद्दर नदी के तट पर बसा है और श्रीनगर से पहलगाम की दूरी 94 किलोमीटर है। पहलगाम समुंद्र तल से 2195 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहा के मुख्य आकर्षण शेषनाग झील और लिद्दर नदी है। यहा से 16 किलोमीटर की दूरी पर चंदनवाडी स्थित है जहा से अमरनाथ के लिए यात्रा आरंभ होती है। इस लिए इसे पवित्र अमरनाथ यात्रा का प्रवेशद्वार भी कहा जाता है।

पहलगाम पर्यटन स्थल

अमरनाथ गुफा

पहलगाम पर्यटन का यह प्रमुख स्थान है। अमरनाथ गुफा में बर्फ से बने प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन के लिए प्रतिवर्ष तीर्थ यात्री भारत के कोने कोने से यहा आते है। कहा जाता है कि इसी गुफा में बैठकर भगवान शिव ने देवी पार्वती को सृष्टि संस्थापना व अमरत्तव की वाणी सुनाई थी। हिन्दू धर्म में यहा की यात्रा का बडा महत्व माना जाता है।

शेषनाग झील

शेषनाग झील अमरनाथ गुफा के पास एक पवित्र और पर्वतमालाओं के बीच नीले पानी की एक ख़ूबसूरत झील है। यह झील क़रीब डेढ़ किलोमीटर लम्बाई में फैली है। यह झील चन्दनवाडी से लगभग 16 किमी और पहलगाम से लगभग 32 किमी की दूर पर है।

लिद्दर नदी

कोलाहोई हिमानी की उचांईयो से शुरू हुई यह एक खुबसूरत नदी है जो लिद्दर वट मैदान से गुजरती हुई पहलगाम पहुचती आखिर में झेलम नदी में मिल जाती है। पहलगाम में इस नदी में शेष नाग झील से निकली एक धारा का भी संगम होता है। लिद्दर वट मर्ग के नाम पर ही इसका नाम लिद्दर नदी पडा। इस नदी की सुंदरता देखते ही बनती है।

सोनमर्ग

पहलगाम पर्यटन के अंतर्गत स्थित सोनमर्ग को सोने की घाटी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है की इसका पानी अपने में सोना समेटे हुए है। जो सब कुछ सोने जैसा कर देता है। यह श्रीनगर से 81 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। तथा सोनमर्ग की समुंद्र तल से ऊंचाई 2740 मीटर है। श्रीनगर से लेह जाते हुए सोनमर्ग कश्मीर क्षेत्र का अंतिम पडाव है। इसलिए इसे लद्दाख का प्रवेशद्वार भी कहा जाता है। कश्मीर क्षेत्र के अन्य स्थानो की तरह यहा के पहाड भी बर्फ से ढके रहते है। यहा अक्टूबर से मार्च तक का मौसम सुहावना होता है।

यूसमर्ग

यूसमर्ग कश्मीर के पश्चिमी भाग में एक पर्वतीय स्थल है। यह श्रीनगर से 47 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कश्मीरी भाषा में यूसमर्ग का अर्थ है ” यीसू का मैदान”। ऐसा माना जाता है कि ईसा मसीह अपने जीवन काल के दौरान कश्मीर में आकर यूसमर्ग में ठहरे थे। यहा देखने के लिए बर्फ से ढकी चोटियां और पाइन और फर के पेडो के झुरमुट है। रोमांचक पर्यटन के लिए यह स्थान एकदम उपयुक्त है।

पहलगाम में होटल

पहलगाम में अनेक छोटे बडे होटल व गेस्ट हाउस है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर टूरिज्म कारपोरेशन के रेस्ट हाउस भी है। जहा आप ठहर सकते है। यदि आप शांत व एकांत जगह में ठहरना चाहते है तो आप हाउस बोटो में ठहर सकते है। लकडी के बने बेहद खूबसूरत व सुसज्जित इन हाउस बोटो में रहने की उत्तम व्यवस्था होती है। और यहा ठहरने का अपना अलग ही मजा है।

पहलगाम का मौसम

गर्मीयो में पहलगाम का तापमान अधिकतम 29.5 ℃ तथा न्यूनतम तापमान 10.6℃ रहता है। सर्दियो में पहलगाम का मौसम अधिक ठंडा होता है। सर्दीयो में पहलगाम का तापमान अधिकतम 7.3 ℃ तथा न्यूनतम तापमान -3 ℃ तक रहता है। सर्दी यहा हर समय रहती है। इसलिए जब भी आप पहलगाम पर्यटन पर जाए तो अपने साथ गर्म कपडे जरूर लेकर जाएं।

अचाबल

यहा एक मुगल शैली से निर्मित मुगल गार्डन है। जिसका निर्माण नूरजहा ने शुरू किया था और बाद में शाहजहां की पुत्री जहांआरा ने 1640 में पूरा कराया था। यह एक खुबसूरत गार्डन है। इन प्रमुख स्थलों के आलावा ओर भी कई छोटे छोटे दर्शनीय स्थल सैलानियों को आकर्षित करते है, जिनमे अरू, मरतड, तुलियन झील, बैसारन, ममलेश्वर आदि प्रमुख है।

पहलगाम कैसे जाएं

पहलगाम पर्यटन की यात्रा पर जाने के लिए श्रीनगर हवाई अड्डे से पहलगाम की दूरी 94 किलोमीटर है। यहा से आप बस या टैक्सी द्वारा आसानी से पहलगाम पहुच सकते है। यहा का नजदीकी रेलवे स्टेशन जम्मू है यहा से आपको सडक मार्ग द्वारा जाना होगा। जम्मू से बस टैक्सी व शेयर्ड सूमो की व्यवस्था है।

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