अंतर्राष्ट्रीय

PAK का स्वतंत्रता दिवस ब्लैक डे में बदला.. लोगों ने मांगी आजादी.. हो रहा ट्रेंड

एजेंसी। भारत से तनाव के बीच हर साल की तरह इस बार भी पाकिस्तान 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहा है लेकिन उनके इस जश्न में बलूचिस्तान के लोग शामिल नहीं हैं और वो पाकिस्तानी सेना की बर्बरता के खिलाफ इसे काला दिवस के तौर पर मना रहे हैं। बलूचिस्तान में पाकिस्तान की निर्दयता को लेकर भारत में #14AugustBlackDay ट्रेंड कर रहा है और भारतीय नागरिक बलूचिस्तान की आजादी के लिए वहां के नागरिकों के समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं। 1947 में पाकिस्तान बनने के बाद से ही बलूचिस्तान के लोग वहां की सरकार की दमनकारी और पक्षपाती नीतियों से तंग आकर आजादी की मांग कर रहे हैं इसलिए हर साल वो पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस को काला दिवस के तौर पर मनाते हैं। वहां के लोगों का मानना है कि पाकिस्तान ने जबरदस्ती उनपर कब्जा कर रखा हैं और उनका उत्पीड़न कर रहे हैं।

हाल ही मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए बलूचिस्तान में लोगों ने जश्न मनाया था और स्थानीय बलूच नेता नायला कादरी ने बलूचिस्तान के आजाद होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मूर्ति लगवाने की घोषणा की थी। नायला कादरी ने पाकिस्तान पर चीन के साथ मिलकर बलूच नस्ल को खत्म करने का आरोप लगाया था और कहा था कि पाकिस्तानी सेना बलोचों का नरसंहार कर रही है। उन्होंने पीएम मोदी को हीरो बताते हुए बलूचिस्तान को आजाद कराने की अपील की थी। बता दें कि भारत और पाकिस्तान को एक ही दिन अंग्रजों की गुलामी से मुक्ति मिली थी लेकिन पाकिस्तान भारत से एक दिन पहले यानी कि 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है। इतिहासकारों के मुताबिक इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण यह है कि  इंडियन इंडिपेंडेंस बिल के मुताबिक  14-15 अगस्त की मध्यरात्रि को दो नए देशों को वजूद में आना था।  दोनों देशों के बीच सत्ता हस्तांतरण के लिए लॉर्ड माउंटबेटन का दिल्ली और कराची में रहना जरूरी था। चूंकि वो एक ही समय में दोनों जगह मौजूद नहीं रह सकते थे इसलिए पाकिस्तान को एक दिन पहले सत्ता हस्तांतरित कर दी गई इसलिए वहां 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाने लगा।

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