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लक्ष्मी विलास बैंक पर चला RBI का डंडा, लगाई ये पाबंदी…

एजेंसी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने प्राइवेट सेक्‍टर के लक्ष्मी विलास बैंक पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (PCA) फ्रेमवर्क में डाल दिया है। इसका मतलब यह हुआ कि लक्ष्‍मी विलास बैंक न तो नए कर्ज दे सकता है और न ही नई ब्रांच खोल सकता है। बता दें कि आरबीआई किसी बैंक को पीसीए फ्रेमवर्क में तब डालता है जब लगता है कि बैंक को आय नहीं हो रही है या फिर नॉन परफॉर्मिंग एसेट यानी एनपीए बढ़ रहा है। बहरहाल, आरबीआई के इस फैसले का असर लक्ष्‍मी विलास बैंक और इंडियाबुल्‍स हाउसिंग फाइनेंस के मर्जर पर पड़ने की आशंका है। बता दें कि हाल ही में आरबीआई ने पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक की कई सेवाओं पर अगले 6 महीने तक के लिए पाबंदी लगा दी है।

न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक लक्ष्‍मी विलास बैंक पर कथित फर्जीवाड़े का आरोप है। यह आरोप रैलिगेयर फिन्वेस्ट लिमिटेड (RFL) ने लगाया है। आरोप के मुताबिक बैंक ने RFLके 790 करोड़ रुपये के एफडी में हेराफेरी की है। इस बीच, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा बैंक के बोर्ड में शामिल निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोपों की जांच कर रही है।

आरबीआई का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब करीब 93 साल पुराने लक्ष्मी विलास बैंक और इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस के बीच मर्जर की प्रक्रिया चल रही है। इस विलय की प्रक्रिया को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने मंजूरी दे दी है। हालांकि अभी आरबीआई, सेबी समेत अन्‍य संस्‍थाओं की मंजूरी जरूरी है। बता दें कि वर्तमान में लक्ष्मी विलास बैंक के देशभर में 569 शाखाएं, 1046 एटीएम हैं, वहीं अगर इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस की बात करें तो देशभर में 220 से अधिक शाखाएं हैं।

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