लाइफस्टाइल हेल्थ

सेहत के लिए फायदेमंद है यह चीनी

तहलका एमपी-सीजी। दालचीनी ऐसा मसाला है, जो लगभग हर भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाएगा। दालचीनी सिर्फ़ एक मसाला ही नहीं, बल्कि एक औषधि भी है, जिसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट गुण कई बीमारियों जैसे – आर्थराइटिस, डायबिटीज़, यहां तक की कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से आपको सुरक्षित रखता है। आप भी जानिए कि दालचीनी आपकी सेहत और शरीर के लिए कैसे लाभकारी है। आपके सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है दालचीनी और इसका किन-किन बीमारियों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

वज़न कम करने के लिए
आजकल बढ़ता वज़न या मोटापा लगभग हर दूसरे-तीसरे व्यक्ति के लिए चिंता का विषय बन गया है। खान-पान पर ध्यान न देना और सही तरीक़े से शारीरिक श्रम यानी व्यायाम व योग ना करने से वज़न बढ़ने की समस्या होते रहती है। ऐसे में अगर खाने में दालचीनी का सेवन किया जाए, तो कुछ हद एक यह समस्या कम हो सकती है। दालचीनी में मौजूद पॉलीफेनॉल्स  एक प्रकार का एंटी-ऑक्सीडेंट है, जो इंसुलिन की संवेदनशीलता को बेहतर करता है। इंसुलिन खून में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करता है, लेकिन जब आपका शरीर सही मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता, तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। इसके परिणामस्वरुप मोटापा, डायबिटीज़ और अन्य कई बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है। एक शोध के मुताबिक़, जिन महिलाओं में पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि रोग  हैं, उनके लिए दालचीनी इंसुलिन प्रतिरोध  को कम कर वज़न को नियंत्रित करती है। इसके अलावा दालचीन का एंटी-ओबेसिटी प्रभाव और इसमें मौजूद कई अन्य तत्व मोटापे को कम करते हैं। 
कैसे खाएं ?
सामग्री

एक कप पानी, एक चम्मच दालचीनी पाउडर, एक चम्मच शहद, एक चम्मच नींबू का रस। 
बनाने की विधि
पहले पानी को उबाल लें। अब एक कप में दालचीनी पाउडर, शहद और नींबू के रस को मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लें और इस मिश्रण में उबले हुए पानी को डालकर अच्छे से मिला लें। इसके बाद पानी का सेवन करें।

आर्थराइटिस में दालचीनी
बढ़ती उम्र के साथ-साथ हमारी हड्डियां भी कमज़ोर होने लगती है और कई लोगों को गठिया (आर्थराइटिस) जैसी बीमारी घेर लेती है। ऐसे में दालचीनी एक औषधि के रूप में मदद करती है। दालचीनी में आयरन, कैल्शियम व मैंगनीज़ जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो गठिया की बीमारी में राहत देता हैं । एक शोध के मुताबिक़, रहूमटॉइड आर्थराइटिस  में होने वाले दर्द और सूजन को हद तक कम करने में दालचीनी असरदार साबित होती है।

कैसे इस्तेमाल करें ?
दालचीनी के तेल की तीन से चार बूंदे, नारियल या सरसों तेल में मिलाकर गुनगुना गर्म कर लें। अब इस तेल से हड्डियों की मालिश करें। ऐसा करने से दर्द से काफ़ी हद तक राहत मिलेगी।

 डायबिटीज़ में दालचीनी
खराब जीवनशैली और खान-पान की वजह से कई लोग मधुमेह का शिकार हो रहे हैं। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया, तो आगे चलकर भारी नुकसान हो सकता है। वक़्त के साथ-साथ डायबिटीज़ अन्य कई बीमारियों को जन्म देने लगती है। ऐसे में मधुमेह के मरीज़ अगर दालचीनी को अपने आहार में शामिल करते हैं, तो मधुमेह पर काफ़ी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। दालचीनी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट डायबिटीज़ होने के एक महत्वपूर्ण करक ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है ।

इस मसाले में फेनोलिक यौगिक और फ्लैवोनॉइड मौजूद हैं, जो एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीडाइबेटिक, एंटीकैंसर और कार्डियोप्रोटेक्टीव गुण प्रदान करते हैं । इसके अलावा, एक शोध में बताया गया है कि दालचीनी, ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें मौजूद पॉलीफेनॉल्स शरीर में इंसुलिन को बेहतर करता है, जिससे डायबिटीज़ का ख़तरा को कम होता है ।

कैसे खाएं ?
सामग्री

छोटा अदरक का टुकड़ा, दो चम्मच नींबू का ताज़ा रस, एक टूकड़ा दालचीनी का, एक चम्मच कच्ची ऑर्गेनिक शहद या सामान्य शहद, आधा या एक कप फ़िल्टर या छना हुआ पानी। 
बनाने की विधि
पानी को मध्यम से थोड़े ज़्यादा आंच पर गर्म करें। अदरक के छोटे या बारीक़ टुकड़े करें। जैसे ही पानी उबलने लगे, उसमें अदरक डाल दें। फिर गैस को थोड़ा कम कर दें और इसमें दालचीनी डालें। पांच मिनट तक दालचीनी को पानी में भीगने दें, फिर पानी को छानकर एक कप में डाल दें। अब इसमें नींबू का रस और शहद मिलाकर पिएं।
नोट: आप इसे पूरे दिन में किसी भी समय पी सकते हैं।

दिमाग़ के लिए दालचीनी
दालचीनी मस्तिष्क के लिए भी काफ़ी फायदेमंद होती है। दालचीनी की सुगंध मस्तिष्क की गतिविधि को बढ़ाती है। यह मस्तिष्क के लिए अच्छा टॉनिक है। इससे न सिर्फ़ मस्तिष्क तेज़ी से काम करता है, बल्कि इससे तनाव व चिंता जैसी परेशानियों से भी आराम मिलता है। जिन लोगों ने दालचीनी की तेल को सूंघा है, उनकी स्मरण शक्ति बढ़ने लगती है । इसके अलावा दालचीनी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट गुण मनुष्य को अल्ज़ाइमर और पार्किसन जैसे मस्तिष्क विकार से भी बचाता है । जहां अल्ज़ाइमर में याददाश्त कमज़ोर हो जाती है, वहीं पार्किसन में शरीर के अंगों में कंपन शुरू हो जाता है।

ऐसे करें दालचीनी का प्रयोग
सामग्री

आधा या एक कप पानी, दालचीनी की छोटी-सी छड़ी, एक चम्मच शहद। 
बनाने की विधि
पानी को उबाल लें। अब बर्तन में दालचीनी डालकर उसमें गर्म पानी डालें। पानी में करीब दस मिनट तक दालचीनी को भीगने दें, ताकि इसके सारे गुण पानी में आ जाएं। फिर पानी को छानकर, उसमें शहद मिलाकर पिएं।

दालचीनी सर्दी और खांसी के लिए 
दालचीनी में एंटी-माइक्रोबायल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद हैं। ये गुण सर्दी-खांसी से बचाव करते हैं। इसलिए, में दालचीनी का प्रयोग बेहतर उपाय है।

कैसे करें इस्तेमाल
सामग्री

एक चम्मच दालचीनी पाउडर, दो लौंग के टुकड़े, एक गिलास गर्म पानी। 
बनाने की विधि
आप दालचीनी पाउडर और लौंग को पानी में डालकर पांच से दस मिनट तक उबालें। फिर इसे छान लें और इसे चम्मच से पिएं। नोट: आप इसे सिरप की तरह एक या दो चम्मच दिन में दो से तीन बार पी सकते हैं।

रक्त परिसंचरण के लिए दालचीनी
दालचीनी रक्त परिसंचरण में सुधार करने में मदद करता है। दालचीनी में ऐसे यौगिक मौजूद होते हैं जो खून को पतला कर रक्त परिसंचरण को बढ़ाते हैं।दालचीनी में मौजूद यह गुण धमनियों से जुड़े बीमारी और दिल के दौरे से भी बचाता है। बेहतर रक्त परिसंचरण का मतलब कम दर्द और अधिक ऑक्सीजन है ।

 कोलेस्ट्रॉल और दिल के लिए दालचीनी
दालचीनी आपके हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम कर, अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को स्थिर करती है। इससे दिल के दौरे का ख़तरा भी कम होता है। यह ख़ासकर टाइप-2 मधुमेह वाले मरीजों में ज़्यादा कारगर साबित हुआ है ।

कैसे सेवन करें ?
आप दालचीनी की चाय पी सकते हैं। सब्ज़ियों में दालचीनी का उपयोग कर सकते हैं। इससे न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ेगा, बल्कि आपके स्वास्थ्य के लिए भी सही है। 

सांस की दुर्गन्ध
दालचीनी ना सिर्फ दांत दर्द में आराम पहुंचाती है, बल्कि कुछ शोध के अनुसार, यह मौखिक संक्रमण और सांस की बदबू को भी दूर करती है।

कैसे प्रयोग करें
आप चाहे तो दालचीनी की छड़ी को चबा सकते हैं या दालचीनी के पानी से (पानी में दालचीनी की छड़ी भिगोकर) कुल्ला या गरारे कर सकते हैं।

 पाचन क्रिया के लिए दालचीनी
दालचीनी पाचन तंत्र के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसमें एंटी-माइक्रोबायल गुण होता है, जो पाचन तंत्र में संक्रमण का कारण बनने वाले बैक्टीरिया से लड़ता है और कैंडीडा नामक बीमारी से बचाव करता है ।

 ब्लड प्रेशर की समस्या में दालचीनी
आजकल हाई और लो ब्लड प्रेशर यानी उच्च और निम्न रक्तचाप की समस्या कई लोगों को होती है। ऐसे में दालचीनी के सेवन से यह समस्या से काफ़ी हद तक दूर हो सकती है। खासकर टाइप-2 डायबिटीज़ वाले मरीज़ों के लिए यह ज़्यादा फायदेमंद है । हालांकि, जानवरों पर किए गए अध्ययन से पता चला है कि दालचीनी, परिधीय वाहिका प्रसरण  के जरिए, रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करती है ।

 इंफर्टिलिटी में दालचीनी
दालचीनी एक एंटी-ऑक्सीडेंट है, जो पॉलीफेनोलिस यौगिकों का एक समृद्ध स्रोत है। यह मोटापे से ग्रस्त लोगों में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है। साथ ही यह इनफर्टिलिटी के ख़तरे को भी कम करता है ।

 मासिक धर्म के समय दालचीनी
अमूमन हर महिला के लिए मासिक धर्म का समय कई परेशानियों, जैसे-पेट दर्द, मितली इत्यादि से भरा होता है। इस स्थिति में कई महिलाएं दवाइयों का सेवन करती हैं, लेकिन हर बार दवाइयों का सेवन ख़तरनाक हो सकता है। इसलिए, मासिक धर्म के समय दालचीनी के घरेलू उपाय काफ़ी मददगार साबित हो सकते हैं। दालचीनी के सेवन से मासिक धर्म के समय ज़्यादा रक्त स्त्राव की परेशानी, दर्द व मितली जैसी समस्याएं कुछ कम होती हैं। यह डिसमेनोरिया  यानी मासिक धर्म के समय या पहले होने वाले ऐंठन की समस्या को भी कम करता है। यहां तक की दालनीची पाउडर के सेवन से महिलाओं को पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम  से भी राहत मिलती है ।

कैसे सेवन करें?
एक से दो गिलास पानी,एक छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर, थोड़ा शहद। 
बनाने की विधि
एक से दो गिलास पानी में दालचीनी पाउडर डालकर उबाल लें। फिर इसमें शहद मिलाकर पानी को पिएं। ऐसा करने से मासिक धर्म की ऐंठन काफ़ी हद तक कम होगी।

कैंसर के लिए दालचीनी
दालचीनी, कैंसर की कोशिकाओं के विकास को कम करता है और उन्हें फैलने से रोकता है। चूहों पर किए गए एक अध्ययन से दिलचस्प परिणाम सामने आए हैं कि दालचीनी पेट में एंजाइम को सक्रिय करता है, जो इन्द्रियों को डिटॉक्सीफाई कर कोलन कैंसर (एक प्रकार का पेट का कैंसर) को फैलने से रोकता है (22)। दालचीनी में एंटी कैंसर गुण मौजूद है, जो कई प्रकार के कैंसर से हमारे शरीर को बचाता है। साथ ही दालचीनी में मौजूद पॉलीफेनॉल्स, मेलेनोमा कैंसर (त्वचा का कैंसर) के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है।

दस्त में दालचीनी
ग़लत खान-पान या कभी-कभी मौसम के वजह से दस्त यानी डायरिया की समस्या हो जाती है। ऐसे में बार-बार दवाइयों के सेवन से पहले अगर घरेलू उपाय को अपनाया जाए, तो फायदेमंद साबित हो सकता है। कई शोध से यह पता चला है कि दालचीनी डायरिया की समस्या को काफ़ी हद तक कम कर सकता है। दालचीनी के एंटी-बैक्टीरियल और औषिधीय गुण डायरिया में काफ़ी फायदेमंद साबित हो सकते हैं ।

कैसे करें सेवन?
सामग्री

एक चम्मच दालचीनी पाउडर, एक चम्मच जीरा पाउडर, एक चमच अदरक पाउडर, एक चम्मच शहद, एक गिलास पानी। 
बनाने की विधि
सारे सामग्रियों को एक गिलास पानी में मिलाएं और पिएं। आप इसे दिनभर में दो से तीन बार पिएं।

गर्भावस्था में दालचीनी
गर्भावस्था के दौरान महिला को अपने खान-पान का ख़ास ख्याल रखना चाहिए। अगर गर्भवती महिला खाने में दालचीनी का सेवन करती है, तो यह उनके लिए काफ़ी फायदेमंद साबित होगा। दालचीनी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट गुण किसी भी प्रकार के संक्रमण से महिला का बचाव करते हैं। साथ ही इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि अगर किसी गर्भवती को गर्भावधि मधुमेह है या डायबिटीज़ की दवा ले रही है, तो दालचीनी का सेवन डॉक्टर से पूछकर करें। ज़रूरत से ज़्यादा दालचीनी का सेवन खून को पतला कर सकता है, जिसका असर गर्भावस्था के बाद होने वाले रक्तस्त्राव पर पड़ सकता है। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान ज़्यादा दालचीनी का सेवन समय से पहले प्रसव का कारण बन सकता है। गर्भवती महिलाएं सिर्फ खाने में दालचीनी का प्रयोग करें और सीमित मात्रा में इसका सेवन करें।

लंबी उम्र के लिए दालचीनी
आपको जानकर हैरानी होगी कि दालचीनी से आपकी आयु पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लगातार दालचीनी पाउडर का सेवन करने से आपके बुढ़ापे में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां काफ़ी हद तक कम हो जाती हैं। इससे शरीर में फुर्ती रहती है और उम्र के साथ होने वाली हड्डियों की दर्द की समस्या भी दूर होती है।

कैसे करें सेवन?
सामग्री

दो कप पानी, एक चम्मच दालचीनी पाउडर, दो से तीन चम्मच शहद। 
बनाने की विधि
आप दालचीनी पाउडर को पानी में उबालें और फिर हल्का ठंडा होने के बाद इसमें शहद मिलाकर पिएं। आप इसे दिनभर में एक से दो बार पी सकते हैं। 

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