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पाचन तंत्र को बेहतर करने के लिए करें अंजीर का सेवन…

अंग्रेजी में इसे फिग कहा जाता है, जबकि इसका वैज्ञानिक नाम फिकस कैरिका है। वैज्ञानिक तौर पर माना जाता है कि यह जीनस फिकस से संबंधित है और शहतूत परिवार का सदस्य है। इसके फल का रंग हल्का पीला होता है, जबकि पकने के बाद गहरा सुनहरा या बैंगनी हो सकता है।

सेहत के लिए अंजीर के फायदे :

पाचन तंत्र : अंजीर का सेवन करने से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है और पाचन तंत्र अच्छी तरह काम करने लगता है। पाचन तंत्र को बेहतर करने के लिए दो-तीन अंजीर को रातभर के लिए पानी में भिगोकर रख दें और अगली सुबह ऐसे ही या फिर शहद के साथ खाएं।

पाचन तंत्र को बेहतर करने और कब्ज को जड़ से मिटाने के लिए फाइबर की जरूरत होती है। अंजीर में पर्याप्त मात्रा में डाइटरी फाइबर पाया जाता है। इसलिए, जब अंजीर का सेवन किया जाता है, तो इसका फाइबर गुण पेट को साफ करने में मदद करता है। शरीर से मल आसानी से बाहर निकल जाता है। अंजीर में फाइबर होने के कारण इसके सेवन से दस्त भी ठीक हो सकते हैं

ह्रदय के लिए : जब हमारे शरीर में ट्राइग्लिसराइड (एक प्रकार का वसा) की मात्रा बढ़ जाती है, तो ह्रदय संबंधी बीमारियां होने लगती हैं। इससे निपटने के लिए अंजीर का सेवन किया जा सकता है। अंजीर खाने से रक्त में ट्राइग्लिसराइड की मात्रा कम होती है और ह्रदय सही प्रकार से काम करने लगता है। इसलिए, स्वस्थ ह्रदय के लिए अंजीर के कई फायदे हैं ।

इसके अलावा, शरीर में फ्री रेडिकल्स की उत्पत्ति होने पर कोरोनरी धमिनयां जाम हो जाती हैं और ह्रदय से जुड़ी बीमारियां जन्म लेने लगती हैं। ऐसे में अंजीर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल्स को खत्म कर ह्रदय की रक्षा करता है (4)। इसके अलावा, अंजीर में फेनोल्स, ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड गुण भी होते हैं, जो ह्रदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

कम वजन : अगर आप वजन कम करने के बारे में सोच रहे हैं, तो अंजीर की मदद ले सकते हैं। अंजीर में फाइबर की मात्रा अधिक होती है और कैलोरी कम होती है। अंजीर का सेवन करने से भूख कम लगती है, जिससे आप अधिक भोजन करने से बच जाते हैं। अंजीर के सेवन से शरीर में मेटाबॉलिज्म का स्तर बेहतर होता है और शरीर में जमा अतिरिक्त वसा भी कम होती है।

अंजीर में फिसिन नामक एंजाइम भी होता है, जो भोजन को सही प्रकार से पचाने में मदद करता है। जब भोजन सही से और समय पर पच जाता है, तो शरीर में अतिरिक्त वसा जमा नहीं होती और वजन बढ़ने की चिंता नहीं रहती।

कोलेस्ट्रोल : अंजीर में पेक्टिन नामक घुलनशील फाइबर होता है, जो रक्त से खराब कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करता है (6)। साथ ही अंजीर का फाइबर गुण पाचन तंत्र से भी अतिरिक्त कोलेस्ट्रोल को साफ करता है। अंजीर में विटामिन-बी6 भी होता है, जो सिरोटोनिन का निर्माण करता है। सिरोटोनिन कोलेस्ट्रोल के स्तर को नियंत्रित कर आपके मूड को अच्छा करता है। अंजीर में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड व फाइटोस्टेरोल जैसे गुण भी होते हैं, जो कोलेस्ट्रोल के स्तर को नियंत्रित करने का काम करते हैं।

एनीमिया : शरीर में आयरन की कमी होने पर एनीमिया होता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह बीमारी प्राणघातक साबित हो सकती है। सूखी अंजीर को आयरन का प्रमुख स्रोत माना गया है। इसके सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है (7)।

मासिक धर्म के समय और गर्भावस्था के समय कई महिलाएं एनीमिया की शिकार हो जाती हैं। इससे उन्हें कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं, अगर कोई बीमार है या फिर किसी तरह की सर्जरी हुई है, उस अवस्था में भी एनीमिया हो सकता है। इससे बचने के लिए अंजीर को अपनी डायट में शामिल करना चाहिए। अंजीर के सेवन से शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ती है और शरीर किसी भी तरह की बीमारी से लड़ने में सक्षम हो जाता है (8)।

डायबिटीज : अंजीर के फल के साथ उसके पत्ते भी सेहत के लिए अच्छे हैं। अंजीर के पत्तों में ऐसे कई गुणकारी तत्व मौजूद हैं, जो रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं। एक अध्ययन में इस बात की पुष्टि की गई है कि अगर भोजन में अंजीर के पत्तों को शामिल किया जाता है, तो ये डायबिटीज से लड़ने में मदद कर सकते हैं । आप डायबिटीज के प्रभाव को कम करने के लिए अंजीर के पत्तों की चाय बनाकर सेवन कर सकते हैं। आप अंजीर की चार-पांच पत्तियों को गर्म पानी में उबाल लें और उसे उबालकर पिएं। इसके अलावा, आप अंजीर के पत्तों को पहले सुखा लें और फिर पीसकर पाउडर बना लें। अब इस पाउडर को एक लीटर पानी में डालकर उबाल लें। लीजिए, आपकी चाय तैयार है, अब इसका सेवन कीजिए।

कैंसर : आपके लिए अंजीर का महत्व कितना है, उसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यह कैंसर जैसी घातक बीमारी से लड़ने में भी सक्षम है। अंजीर का फल पेट और ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है। अंजीर में फाइबर अधिक मात्रा में होता है, जो पेट में जमा गंदगी को मल के रास्ते बाहर निकाल देता है। साथ ही अंजीर में अनगिनत छोटे-छोटे बीज होते हैं, जिनमें अत्यधिक मात्रा में म्यूसिन पाया जाता है। म्यूसिन पेट की गंदगी को एक जगह एकत्र करता है और फिर उसे बाहर निकाल देता है ।

एक अध्ययन में पाया गया है कि जो महिला अपने किशोरावस्था से ही अधिक मात्रा में डाइटरी फाइबर का सेवन करती है, उसमें ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है। अधिक मात्रा में फाइबर के सेवन से ओवरऑल ब्रेस्ट कैंसर की आशंका 16 प्रतिशत तक कम हो जाती है, जबकि रजोनिवृत्ति से पहले इसकी आशंका 24 प्रतिशत तक कम हो जाती है। अंजीर के रस और सूखी अंजीर में ऐसे तत्व होते हैं, जो रजोनिवृत्ति के बाद ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका को कम कर सकते हैं।

हड्डियों के लिए : अंजीर को कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम का मुख्य स्रोत माना गया है। शरीर की हड्डियों को मजबूत करने के लिए ये सभी गुण जरूरी हैं। अंजीर के गुणकारी तत्व हड्डियों पर प्रभावी तरीके से काम करते हैं, जिससे उनके टूटने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है। इसमें कोई दो राय नहीं कि हड्डियों के लिए कैल्शियम जरूरी है। यही कारण है कि हड्डियों की सेहत के लिए अंजीर खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि अंजीर में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

खाने में नमक का ज्यादा इस्तेमाल करने से यूरीन कैल्शियम की समस्या हो सकती है, जिससे निपटने में अंजीर में मौजूद पोटैशियम मदद करता है (15)। साथ ही यह आपकी हड्डियों को कमजोर होने से रोकता है।

अस्थमा : आप यकीन मानिए अंजीर अस्थमा से भी आपका बचाव करने में समक्षम है। अगर आप मेथी दाने के पाउडर को शहद और अंजीर के साथ लेते हैं, तो इससे अस्थमा काफी हद तक ठीक हो सकता है। अस्थमा के मरीज अंजीर का जूस भी पी सकते हैं। इससे उन्हें काफी हद तक लाभ हो सकता है।
अंजीर के सेवन से शरीर के अंदर म्यूकस झिल्लियों को नमी प्रदान होती है और कफ साफ होता है, जिससे अस्थमा के मरीज को कुछ राहत मिलती है। अंजीर में फाइटोकेमिकल यौगिक भी होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। अगर फ्री रेडिकल्स हमारे शरीर में बने रहें, तो अस्थमा को और गंभीर बना सकते हैं।

रक्तचाप : कई वैज्ञानिक शोधों में इस बात की पुष्टि की गई है कि अगर आप नियमित रूप से अंजीर का सेवन करते हैं, तो रक्तचाप को संतुलित रखा जा सकता है। अंजीर में पाए जाने वाले फाइबर और पोटैशियम दोनों मिलकर उच्च रक्तचाप की आशंका को कम कर उसे संतुलित बनाए रख सकते हैं। इसके अलावा, अंजीर में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड भी पाया जाता है, जो शरीर में रक्तचाप का संतुलन बनाए रखने का काम करते हैं।

एंटीऑक्सीडेंट : गुणों की खान अंजीर को एंटीऑक्सीडेंट का प्रमुख स्रोत माना गया है। एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव के कारण ही अंजीर शरीर में फ्री रेडिकल्स को खत्म कर कई तरह की बीमारियों से बचाती है। अंजीर में फेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट के गुण भी पाए जाते हैं ।

यौन शक्ति : जहां अंजीर के सेवन से तमाम तरह की बीमारियां ठीक हो सकती हैं, वहीं यह प्रजनन क्षमता और यौन शक्ति को बढ़ा सकती है। हमने पहले भी बताया था कि अंजीर कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और जिंक से समृद्ध फल है। साथ ही इसमें मैग्नीशियम और जरूरी मिनरल्स भी हैं, जिनकी मदद से यौन क्षमता को बढ़ाने वाले एंड्रोजन व एस्ट्रोजन हार्मोंस का निर्माण होता है।

हालांकि, अभी तक वैज्ञानिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन कई व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर कहा जा सकता है कि बांझपन को दूर करने में अंजीर सक्षम है। जब अंजीर का सेवन किया जाता है, तो एमिना एसिड का निर्माण होता है, जिससे नाइट्रिक ऑक्साइड का निर्माण अधिक होने लगता है । इससे रक्त वाहिकाएं फैलने लगती हैं और यौन अंगों सहित शरीर के सभी हिस्सों में रक्त का प्रवाह तेज हो जाता है। विभिन्न अनुभवों के अनुसार अगर अंजीर को रातभर दूध में भिगोकर रखा जाए और अगली सुबह उसे खाया जाए, तो यौन क्षमता बढ़ती है।

गले में खराश : बदलते मौसम के साथ अक्सर गला खराब हो जाता है। इस दौरान गले में खराश या फिर दर्द होना आम बात है। अगर इस स्थिति में आप अंजीर का सेवन करते हैं, तो आपको दर्द और खराश से कुछ राहत मिल सकती है। अंजीर में उच्च मात्रा में म्यूसिलेज होता है, जो गले में खराश से राहत दिलाता है। अंजीर का फल खाने से गले को राहत मिलती है और इसका जूस पीने से गले का दर्द कुछ कम होता है।इसके अलावा, अंजीर के सेवन से टॉन्सिलस को भी प्राकृतिक रूप से ठीक किया जा सकता है। यह गले की सूजन को कम करता है। अगर गर्म पानी से अंजीर का पेस्ट बनाकर गले पर लगाया जाए, तो भी दर्द से आराम मिल सकता है।

प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि : विज्ञान के अनुसार अगर हमारी प्रतिरोधक क्षमता अच्छी नहीं होगी, तो कई बीमारियां हमारे शरीर को घेर लेती हैं। वहीं, आयुर्वेद कहता है कि अगर आपको शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करना है, तो अंजीर का सेवन जरूर करें। अंजीर में पोटैशियम व एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई जरूरी तत्व मौजूद होते हैं, जो आपके प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करते हैं। इसलिए, प्रतिरोधक क्षमता को ठीक करने के लिए कोई दवा लेने से बेहतर होगा कि आप प्रतिदिन अंजीर का सेवन करें।

ऊर्जा का स्रोत : दिनभर की भागदौड़ के लिए शरीर को ऊर्जा की जरूरत होती है। इस ऊर्जा को कायम रखने के लिए भोजन के साथ अपनी डायट में अंजीर को भी शामिल करना जरूरी है। अंजीर के सेवन से ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है। अंजीर में कार्बोहाइड्रेट और शुगर होती है, जो शरीर में ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देते हैं।

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