बॉलीवुड

क्यों कहतीं हैं सुनिधि “कम उम्र में मिली क़ामयाबी खा जाती है बचपन को”

तहलका एमपी-सीजी। सुनिधि चौहान संगीत जगत में एक ऐसा नाम हैं, जिनके नाम से ही संगीत याद आता है। आज सुनिधि का जन्मदिन है। 14 अगस्त 1883 को दिल्ली में जन्मी सुनिधि आज 35 वां जन्मदिन मना रहीं है, जिनमें से 31 साल उन्होंने गायकी को दिए हैं। सुनिधि के पिता एक छोटे से गुजराती कलाकार हैं। सुनिधि के पिता ने ही उन्हें संगीत सिखने के लिए प्रेरित किया। हिंदी गानों के साथ-साथ सुनिधि मराठी, कन्नड़, तेलगु, तमिल, पंजाबी, बंगाली, असमी, नेपाली और उर्दू में भी पार्श्व गायन करती हैं। सुनिधि चौहान उनकी बेहतरीन गायिकी के लिए कई बड़े इनामों से सम्मानित की जा चुकी हैं। सुनिधि ने अपने बॉलीवुड कॅरियर में खुद को एक निर्भीक स्टेज परफॉर्मर के रूप में भी स्थापित किया है। सुनिधि जितना अच्छा गाती हैं, उतनी ही अच्छी दिखती भी हैं। वह फैशनिस्टा आइकॉन भी हैं, उन्होंने साल 2013 में एशिया की टॉप 50 सेक्सियस्ट लेडीज में भी अपनी जगह बनाई।  

सुनिधि ने कई सिंगिंग बेस्ड रियलिटी शोज़ में हिस्सा लिया है। लेकिन नन्हीं सुनिधि की जिंदगी तब बदली, जब टीवी एंकर तब्बसुम ने उनकी गायिकी को देखा और सुनिधि के माता-पिता को मुंबई आने के लिए कहा। इसके बाद सुनिधि ने मुंबई आकर दूरदर्शन के सिंगिंग बेस्ड रियलिटी शो ‘मेरी आवाज सुनों’ में हिस्सा लिया। सुनिधि ने इस शो को जीतकर लता मंगेशकर ट्रॉफी पर कब्ज़ा किया था। 16 साल की उम्र में ही सुनिधि को रामगोपाल वर्मा की फिल्म मस्त में “रुकी- रुकी सी जिंदगी” गाने को मिला, जो उस समय का सुपरहिट गाना साबित हुआ था। इस गाने को  14 नॉमिनेशन मिले थे, जिनमें से सुनिधि को 2 फिल्मफेयर अवॉर्ड, 1 जी सिने अवॉर्ड और दो स्टार स्क्रीन अवॉर्ड मिले। इसके साथ ही सुनिधि को नई संगीत प्रतिभा खोज के तहत आर.डी अवॉर्ड से भी नवाजा गया। सुनिधि ने अब तक के सफर में तकरीबन 3000 से अधिक गाने गा चुकी हैं। इस दौरान सुनिधि ने टेलेविज़न के सिंगिंग बेस्ड रियलिटी शोज़ को भी जज किया।  जिसमे इंडियन आइडॉल 5,  इंडियन आइडॉल 6 में वह बतौर जज नज़र आई थीं। फ़िलहाल, सुनिधि अभी सिंगिंग बेस्ड रियलिटी शो द वॉइस ऑफ़ इंडिया में बतौर जज नज़र आ रही हैं।

सुनिधि बाल कलाकार रहीं हैं और मात्र 4 वर्ष की उम्र से ही हैं। कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करने वाली सुनिधि इस उपलब्धि से खुश तो हैं पर एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि , ‘उन्हें लगता है की बचपन सिर्फ बचपने के लिए होता है। मेरी तरह किसी बच्चे को गीत- संगीत के कॉम्पिटिशन शो में नहीं जाना चाहिए। हाँ गाना बुरा नहीं है कम उम्र में गाना प्रतिभा दर्शाता है, लेकिन उससे जुडी प्रतिस्पर्धा बच्चों के लिए सही नहीं होती है। इससे बच्चों में बचपन से ही सबसे आगे बढ़ने की सोच जन्म ले लेती है, जो उनके लिए घातक है। सुनिधि कहती हैं की इससे बच्चों में मानसिक तनाव बढ़ता है और वे जल्दी बड़े होने लगते हैं।’  इस बात से सुनिधि खुद को जोड़ते हुए कहती हैं कि ‘वे भी एक चाइल्ड आर्टिस्ट रहीं हैं और उनका अनुभव भी कुछ ख़ास नहीं रहा है।’ सुनिधि ने 18 की कम उम्र में कोरियोग्राफर और निर्देशक बॉबी खान से शादी कर ली थी, जो 1 साल ही चली इसके पीछे भी वे अपनी जल्दी मिली कामयाबी को कारण मानती हैं। फ़िलहाल उन्होंने 10 साल बाद दोबारा अपने बचपन के दोस्त और संगीत निर्देशक हितेश सोनिक से शादी कर ली है और अब एक स्वस्थ शादी सुदा जीवन में खुश हैं।

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